अपनी भारतीय इकाई में बहुमत हिस्सेदारी ख़रीद सकता है WeWork ; The WeCompany नाम से री-ब्रांड किया

भारत में सह- कार्य स्थान ( को-वर्किंग स्पेस) और मूल्यांकन में तेज़ी के निरंतर बढ़ते विस्तार को देखते हुए, को वर्किंग स्थान प्रदाता WeWork, देश में अपने संचालन में बहुमत की हिस्सेदारी की योजना बना रहा है।

इस समय, WeWork India, न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय वाली कंपनी WeWork और बेंगलुरु स्थित रियल एस्टेट समूह एम्बेसी ग्रुप के बीच का संयुक्त उद्यम ( जॉइंट वेंचर) है। इसका संचालन जीतू वीरवानी एक लाइसेंसिंग समझौते के आधार पर कर रहें हैं, जो 2021 में समाप्त हो रहा है।

यह कंपनी, उद्यमियों, फ्रीलांसर, स्टार्टअप, छोटे उद्यमों व बड़े कॉरपोरेट को तकनीक समर्थित सहकार्य डेस्क व ऑफिस उपलब्ध कराती है।

वीरवानी, WeWork के सह संस्थापक एडम न्यूमैन से इस सौदे पर बात करने के लिए अगले सप्ताह मुलाकात करेंगे जो TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, $1बिलियन तक होगी। इस मुलाकात का उद्देश्य, मूल्यांकन के बढ़ने से पहले, व्यापार के स्वामित्व में बदलाव लाना है।

जब से WeWork ने देश में कार्य करना शुरु किया है, इस सह-कार्य सेवा प्रदाता कंपनी ने काफी विकास किया है। JLL की रिपोर्ट के अनुसार, कुल ऑफिस लीजिंग में, को- वर्किंग क्षेत्र की हिस्सेदारी, 2018 में 10 प्रतिशत से क़रीबन दोगुनी हो गई है।

WeWork ने भारतीय बाज़ार में शुरुआत WeWork Galaxy के साथ की थी। बेंगलुरु स्थित इस को वर्किंग क्षेत्र की शुरुआत 2007 में 2200 सदस्यों के साथ की गई थी। कंपनी ने WeWork Labs की आधिकारिक तौर पर शुरुआत पिछले वर्ष अक्टूबर में की थी।

इस समय WeWork India के 17 विभिन्न स्थानों में 35 हज़ार डेस्क हैं व कंपनी का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक इस आंकड़े को क़रीबन 90 हज़ार कर देना है। यदि कंपनी अपना लक्ष्य प्राप्त कर लेती है, तो कंपनी इस कैलेंडर वर्ष में क़रीबन 1500 करोड़ का सकल राजस्व अर्जित कर लेगी।

भारत में इसका मुकाबला BHive, Innov8, Awfis, 91Springboard व ऐसे अन्य स्टार्टअप के साथ है।

विशेषज्ञों का मानना है, WeWork द्वारा बहुमत हिस्सेदारी प्राप्त करने की ओर बढ़ाया कदम, चौंकाने वाला नहीं, विशेष तौर पर भारत में पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में हुए तेज़ विकास को देख कर। उनका कहना है कि यदि कंपनी अपनी भारतीय इकाई में बहुमत हिस्सेदारी खरीदती है तो उसे कहीं अधिक लाभ होगा।

इसी बीच, कंपनी के मुख्य शेयरधारक सॉफ्टबैंक ने प्रतिबद्ध राशि $16 बिलियन को घटा कर $2 बिलियन कर दिया है। अभी तक सॉफ्टबैंक नेे $ 10 बिलियन का निवेश किया है।

आठ वर्ष पहले स्थापित इस कंपनी का दावा, 26 देशों में मौजूद होने का है। कंपनी का कहना है कि विश्व भर में 99 से भी अधिक विभिन्न शहरों में, 400 स्थानों पर उसके 4 लाख से भी अधिक सदस्य है। पिछले सप्ताह कंपनी ने घोषणा की थी कि भविष्य में उसे The We Company के नाम से जाना जाएगा।

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