आयकर विभाग से मिले नोटिस के बाद, सचिन बंसल ने, फ्लिप्कार्ट से हुए लाभ पर 699 करोड़ रुपए का अग्रिम कर जमा कराया

फ्लिपकार्ट-वॉलमार्ट (Flipkart-Walmart) सौदे के माध्यम से हुए पूंजीगत लाभ (capital gains) के बारे में जानकारी देने के लिए फ्लिपकार्ट संस्थापकों को आयकर विभाग का नोटिस मिलने के तुरंत बाद, सचिन बंसल ने 2018-19 की पहली तिमाही के लिए अग्रिम कर के रूप में 699 करोड़ रुपये जमा किए हैं।

फ्लिपकार्ट के अन्य सह-संस्थापक, बिन्नी बंसल ने अपनी हिस्सेदारी को बेचते हुए कमाए गए पूंजीगत लाभ का खुलासा नहीं किया है। दोनों के पास, फर्म में लगभग 5-5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी और इस सौदे से प्रत्येक को $1 बिलियन से अधिक हासिल होने की उम्मीद थी।

अभी तक, वॉलमार्ट ने इस साल सितंबर में रिटेंशन टैक्स के रूप में 7,439.4 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। अमेरिका स्थित खुदरा क्षेत्र की दिग्गज इस कंपनी को इस सौदे के लिए लगभग $2 बिलियन का विथहोल्डिंग टैक्स देने को कहा गया था।

आईटी विभाग ने फ्लिपकार्ट के 46 शेयरधारकों को $16 बिलियन के इस सौदे के माध्यम से हुए पूंजीगत लाभ के बारे में जानकारी देने के लिए भी नोटिस भेजा था।

नवीनतम टैक्स संरचना में, सॉफ्टबैंक (SoftBank) पर अधिकतम 40 प्रतिशत का अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (short-term capital) कर लागू हो सकता है। इसके अलावा, ईबे (eBay) को भी अल्पकालिक पूंजीगत लाभ कर का भुगतान करना होगा, लेकिन सिंगापुर के साथ दोहरे कराधान समझौते के चलते उन्हें 20 प्रतिशत की दर से ही टैक्स देना होगा।

ईबे ने फ्लिपकार्ट में विभिन्न न्याय सीमाओं में पंजीकृत कंपनियों के एक नेटवर्क के माध्यम से निवेश किया। सैन जोन्स स्थित इस ई-कॉमर्स कंपनी की फ्लिपकार्ट में 5.4 प्रतिशत हिस्सेदारी थी जो बाद में लगभग 1.1 बिलियन डॉलर में बेच दी गयी।

हाल ही में, सचिन बंसल भी उद्यमिता क्षेत्र में अपनी दूसरी पारी के साथ वापस आ रहे हैं। उन्होंने निवेश बैंकर, अंकित अग्रवाल के साथ मिलकर अपनी नई फर्म बीएसी एक्विजिशन प्राइवेट लिमिटेड (BAC Acquisitions Private Limited) को पंजीकृत किया है। इसके अलावा, वह $1 बिलियन का स्टार्टअप फ़ोकस फ़ंड जुटाने की योजना भी बना रहे हैं।

यह विकास इकोनॉमिक टाइम्स द्वारा रिपोर्ट किया गया।

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