रिलायंस जिओ ने व्यापारियों के लिए PoS सेवाएँ प्रारंभ की

अपनी बड़ी ई-कॉमर्स योजना के अनुरूप, मुकेश अंबानी की अगुवाई वाला रिलायंस जिओ (Reliance Jio), व्यापारी समुदाय को लक्षित करने वाली पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) सेवाओं का पायलट कर रहा है।

इस विकास से जुड़े एक सूत्र ने कहा, कंपनी ने छह शहरों में पायलट आधार पर सेवाएं शुरू की हैं, जिनमें बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, कोलकाता और मुंबई के नाम शामिल हैं।

इसमें एक PoS डिवाइस है, जिसका लाभ 3k रुपये जमा करने के बाद व्यापारियों और खुदरा प्रावधान स्टोर द्वारा उठाया जा सकता है। सूत्र ने बताया कि, 2हज़ार तक के डेबिट और क्रेडिट कार्ड लेनदेन के लिए, व्यापारी छूट दर (MDR) कुछ भी नहीं होगी।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जिओ व्यापारियों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) के साथ साझेदारी कर रहा है। HUL को हर मर्चेंट लीड के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।

उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से कंपनी को ऐसे क्षेत्रों में पहुंचने में मदद मिलेगी जहाँ व्यापारी वर्ग, एप की तुलना में पीओएस को प्राथमिकता देता है। यह मुकेश अंबानी की उस योजना के भी अनुरूप है, जिसके अंतर्गत वे कॉमर्स मंच का अपना हाइब्रिड मॉडल बनाने के इच्छुक हैं। वह जिओ पॉइंट स्टोर्स और ई-कॉम स्टॉल के लिए छोटे शहरों में प्रवेश करने की योजना बना रहे हैं।

स्टोर के माध्यम से, यह सेवा उन उपभोक्ताओं की सहायता करेगी जिन्होंने कभी ऑनलाइन खरीदारी नहीं की है और यह उपभोक्ताओं को जिओ पॉइंट से उत्पाद खरीदने की अनुमति देगा या एग्जीक्यूटिव स्टोर उन्हें उत्पाद वितरित कर सकते हैं।

वर्तमान में, जिओ पॉइंट स्टोर, इलेक्ट्रॉनिक बिक्री में 10 प्रतिशत का योगदान देते हैं। भारत में हाल के वर्षों में कार्ड लेनदेन में वृद्धि हुई है। पिछले साल अक्टूबर तक भारत में 42.68 मिलियन क्रेडिट कार्ड और 998.61 मिलियन डेबिट कार्ड अस्तित्व में थे।

क्रेडिट और डेबिट कार्ड के उपयोग में वृद्धि के साथ, PoS टर्मिनलों का उद्योग 10 प्रतिशत से अधिक के CAGR से बढ़ने के लिए तैयार है। लगभग 3.4 मिलियन PoS टर्मिनलों के जरिये 110,476 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ।
इंक की रिपोर्ट के अनुसार, PoS टर्मिनलों के लिए भारत का बाजार अगले पांच वर्षों में $3 बिलियन से अधिक का हो जाएगा।

इस क्षेत्र में बैंकों का वर्चस्व है, जिनकी कुल बाजारीय हिस्सेदारी 70 प्रतिशत है। जिओ का सामना मौजूदा खिलाड़ियों से होगा जिसमें एमस्वाइप (mSwipe), ईज़ीटैप (Ezetap), पाइनलैब्स (Pine लैब्स), इन्नोविटी (Innoviti) और फोनपे (PhonePe) शामिल हैं।

टेलीकॉम क्षेत्र में एक प्रभावशाली परिवर्तन लानेे के बाद, क्या फिनटेक क्षेत्र में जिओ वही कमाल दिखा पायेगा? इसके विशाल नेटवर्क और भारी निवेश करने की क्षमता को देखते हुए तो ऐसा सच होता प्रतीत होता है।

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