ज़ोमाटो और स्विग्गी पर अपनी प्रभुत्व के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए रेस्तरां कंपनियों ने CCI व PMO के पास याचिका दर्ज़ की

फ्लिपकार्ट (Flipkart) और ऐमज़ॉन (Amazon) जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ भारी छूट और असंगत मूल्य निर्धारण सम्बंधित कई शिकायतों के बाद, अब फूडटेक मंचों को रेस्तरां भागीदारों द्वारा किये जा रहे विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जो आने वाले दिनों में बड़ा रूप ले सकता है।

500 से अधिक रेस्तरां कंपनियों ने सीसीआई (CCI) और पीएमओ (PMO) को संबोधित करते हुए एक याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं जिसमे ऐसा आरोप लगाया गया है कि भारतीय बाजार में प्रमुख खिलाड़ी होने के चलते, स्विगी (Swiggy), जोमाटो (Zomato), फूडपांडा (Foodpanda) और उबरइट्स (UberEats) अपने प्रभुत्व का दुरूपयोग कर रहे हैं।

भारी छूट के अलावा, याचिका पर हस्ताक्षर करने वाली भागीदारों ने इन एग्रीगेटर्स पर इन-हाउस रसोई और आंतरिक सोर्सिंग मॉडल का उपयोग करते हुए उनके (रेस्त्रां भागीदारों) व्यवसाय को खत्म करने का भी आरोप लगाया।

आरोपों पर खुद का बचाव करते हुए, जोमाटो के एक प्रवक्ता ने कहा कि दी जाने वाली छूट केवल उपयोगकर्ता की भागीदारी को प्रोत्साहित करने का एक प्रयास है और हमारे सभी रेस्तरां भागीदार, हमारे छूट अभियान में भाग लेने का विकल्प चुन सकते हैं।

याचिका में आगे इन-हाउस कंपनी, जैसे जोमाटो के हाइपरप्योर (HyperPure) और स्विगी की द बाउल कंपनी (The Bowl Company) पर भी निशाना साधा गया। यह आरोप लगाया गया है कि जोमाटो, रेस्तरां भागीदारों को अपने मंच पर सूचीबद्ध होने के लिए वस्तुओं को हाइपरप्योर से खरीदने के लिए दबाव डालता है, जो कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम के विरुद्ध है।

इसी तरह, इसने बाजार में एकाधिकार (मोनोपोली) फ़ैलाने के लिए द बाउल कंपनी को भी दोषी ठहराया है, क्योंकि भागीदारों को अपने उत्पादों को मंच पर सूचीबद्ध करने के लिए भारी शुल्क का भुगतान करना पड़ता था। इसके अलावा, एक एन्ड यूज़र को स्विगी पर लॉग-इन करने पर जो पहला विज्ञापन दिखता है, वह स्विगी के इन-हाउस किचन का होता है।

स्विगी ने अपने बयान में कहा कि उनके द्वारा जो कमीशन लिया जाता है, वह भागीदारों के लिए उत्पन्न होने वाले मूल्य का एक फंक्शन होता है और इसपर पारस्परिक रूप से सहमति बनाई जाती है। नैस्पर्स (Naspers) समर्थित कंपनी ने मंच पर रेस्तरां भागीदारों की संख्या दोगुना करते हुए 55,000 से अधिक की संख्या को छूने का दावा किया।

उबरइट्स और फ़ूडपांडा भी भरी छूट देने के चलते इन रेस्तरां भागीदारों के राडार पर हैं।

हाल के समय में, सभी फूडटेक मंचों को केरल में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि केरल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (केएचआरए) ने इन सभी फूडटेक प्रमुखों से दूरी बनाने का फैसला किया है। वे मौजूदा व्यवस्था और सेवा शुल्क के मुद्दे पर विरोध जताते हुए एक समानांतर एप बनाने पर भी विचार कर रहे हैं।

इस मामले पर स्पष्टीकरण देते हुए ज़ोमाटो के एक प्रवक्ता ने एनट्रैकर को निम्नलिखित बयान दिया।

“जोमैटो, अपने उपयोगकर्ताओं को सर्वोत्तम सेवाएँ और अनुभव प्रदान करने में विश्वास करता है; और यह हमारा प्रयास होता है कि हमारे सहयोगियों के व्यवसायों को भी सार्थक रूप से विकसित होने में मदद मिल सके। हमारे मंच पर 75,000 से अधिक रेस्तरां सूचीबद्ध हैं, जिनमें से ज्यादातर छोटे और मध्यम आकार के रेस्तरां हैं। हमने अपनी ऑनलाइन ऑर्डरिंग और फूड डिलीवरी सेवाओं में काफी विस्तार किया है और वर्तमान में भारत के 118 शहरों में हमारी मौजूदगी हैं। हम अपने रेस्तरां भागीदारों को अधिक उपयोगकर्ताओं के साथ जोड़कर उन्हें दीर्घकालिक विकास प्रदान करने में सक्षम हैं। वास्तव में, हमारे रेस्तरां के बहुत से साथी अपने ऑपरेशन का विस्तार करने में सक्षम हैं, क्योंकि खाद्य वितरण ने उन्हें निश्चित और मानव-शक्ति लागत का तेजी से लाभ उठाने में उनकी मदद की है।

“हाइपरप्योर के साथ, हमारा उद्देश्य सभी रेस्तरां भागीदारों को उनके रेस्त्रां तक जैविक और ताजा उपज प्रदान करना है, इससे उनकी क्रय लागत में कमी आती है। यह सेवा, वर्तमान में केवल बेंगलुरु में मौजूद है और हमारे साथ बड़ी संख्या में रेस्तरां भागीदार जुड़े हुए हैं। हाइपरप्योर को इतना शानदार स्वागत मिला है कि हमारी ऑर्डर सूची, हमारी कार्यक्षमता से अधिक है।

यह सेवा, रेस्तरां भागीदारों को असंगठित बाजार से खाद्य सामग्री की सोर्सिंग के प्रयासों से बचाव में मदद कर रही है। एक छोटे से मध्यम आकार के रेस्तरां को हाइपरप्योर से सामग्री की खरीदारी पर मासिक खर्च में 10-15% की बचत होती है। हम हाइपरप्योर के साथ जुड़ने के लिए अपने मंच पर मौजूद रेस्तरां भागीदारों को विवश नहीं करते हैं, ऐसा करना पूरी तरह से हमारी नैतिकता के खिलाफ होगा। यदि वे इस सेवा को अपने लिए पर्याप्त रूप से लाभदायक पाते हैं तो रेस्तरां भागीदार, हाइपरप्योर सेवाओं का चयन कर सकते हैं।

“जोमाटो का मुख्य उद्देश्य, देश में रेस्तरां उद्योग के विकास में अपना योगदान देना है, और ऐसा हम पिछले एक दशक से अपनी विभिन्न सेवाओं की मदद से कर रहे हैं। हम इस मामले पर चर्चा कर रहे हैं कि इसमें शामिल रेस्तरां भागीदारों के साथ सौहार्दपूर्ण समाधान कैसे हासिल किया जाए, जिससे इकोसिस्टम के सभी पक्षों को फायदा हो।’

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