Paytm भुगतान बैंक को नए ग्राहक जोड़ने के लिए मिली RBI से अनुमति; 2019 तक 100 मिलियन खाते का लक्ष्य

पांच महीने के अंतराल के बाद, नया साल पेटीएम (Paytm) के लिए कुछ अच्छी खबर लेकर आया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने कंपनी की भुगतान बैंक शाखा को नए ग्राहकों को जोड़ने की अनुमति दे दी है।

पेटीएम पेमेंट्स बैंक (पीपीबी) के प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी को अपने वॉलेट और बैंक खातों के लिए 31 दिसंबर, 2018 से केवाईसी औपचारिकताएं शुरू करने की अनुमति मिल गई है।

पिछले साल अगस्त में (वर्ष 2018), आरबीआई ने पीपीबी (Paytm payments bank) को नए ग्राहकों को जोड़ने से तब मना कर दिया गया था जब भारत में संचालित सभी भुगतान बैंकों के लिए बैंकिंग नियामक द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का पेटीएम द्वारा उल्लंघन किया गया था।

इस प्रतिबंध के पीछे का कारण भी तब सामने आया जब एक आरटीआई से पता चला कि पीपीबी, 100 करोड़ रुपये की नेट वर्थ सीमा का पालन करने में विफल रहा, इसने केवाईसी नियम का उल्लंघन किया और इसके द्वारा प्रत्येक खाते में 1 लाख रुपये से अधिक राशि नहीं रखने के मानदंडों का पालन नहीं किया गया।

इसके अलावा, बैंकिंग नियामक, पेटीएम और उसके भुगतान बैंक शाखा के बीच की स्वामित्व संरचना से खुश नहीं था। सभी भुगतान बैंकों से यह अपेक्षा रखी जाती है कि वे अपनी प्रमोटर संस्थाओं से एक निश्चित दूरी बनाकर रखेंगे।

इस बीच, कंपनी ने रेणु सत्ती को मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से हटा दिया था और सतीश कुमार गुप्ता को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया था, हालांकि, इस कदम से भी पीपीबी को खास मदद नहीं मिल सकी।

अब, पीपीबी का दावा है कि उसके पास 42 मिलियन से अधिक बैंक खाते हैं और वर्ष 2019 के अंत तक उसका लक्ष्य, 100 मिलियन बैंक खातों को प्राप्त करने का है।

नवीनतम वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक, PPB को देश में संचालित अन्य भुगतान बैंकों पर बढ़त भी हासिल है। वित्तीय वर्ष 2018 में एक उछाल के साथ, कंपनी का राजस्व 729.1 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच गया था।

हालांकि इसी अवधि में पीपीबी को 20.7 करोड़ रुपये का नुकसान भी हुआ।

पेटीएम के अलावा, एयरटेल पेमेंट्स बैंक (Airtel Payments Bank) और फिनो पेमेंट्स बैंक (Fino Payments Bank) को भी आरबीआई के समान विरोध का सामना करना पड़ा था। अब देश में संचालित सभी भुगतान बैंक, बैंकिंग नियामक के अनुपालन में हैं।

यह विकास इकॉनोमिक टाइम्स द्वारा रिपोर्ट किया गया।

Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here