भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा डिजिटल भुगतान पर गठित पांच सदस्यों की टीम की अध्यक्षता करेंगे नंदन नीलेकणी

भारत में डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इन्फोसिस (Infosys) के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया है।

यह समिति, भारत में भुगतान के डिजिटलीकरण का विश्लेषण करेगी और इसमें चार अन्य सदस्य होंगे – एचआर खान, पूर्व डिप्टी गवर्नर, आरबीआई, किशोर सांसी, पूर्व एमडी और सीईओ, विजया बैंक, अरुणा शर्मा, पूर्व आईटी और स्टील सचिव, संजय जैन, CIO सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप, IIM अहमदाबाद।

पांच सदस्यीय यह पैनल, समग्र वित्तीय समावेशन में डिजिटल भुगतान की भूमिका एवं अन्य सम्बंधित मामलों पर परामर्श एवं सुझाव देगा। वे डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ देश में डिजिटल भुगतान उपकरणों के उपयोग में तेजी लाने के लिए रूपरेखा भी तैयार करेंगे।

समिति उन सर्वोत्तम अभ्यासों की पहचान करने के लिए क्रॉस-कंट्री विश्लेषण भी करेगी जो अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण में तेजी लाने के लिए अनुकूलित हो सकते हैं।

शीर्ष बैंकिंग निकाय के अनुसार, समिति अपनी पहली बैठक आयोजित करने के बाद तीन महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

नीलेकणी ने पूर्व में यूआईडीएआई (UIDAI) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है और उन्होंने यूपीए शासन के दौरान देश में आधार कार्ड के कार्यान्वयन की निगरानी की थी। वर्ष 2016 में नोटबंदी की घोषणा के एक महीने के बाद, अर्थव्यवस्था को डिजिटल भुगतान चलित बनाने के उपाय खोजने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें चुना गया था।

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