भारतीय विक्रेताओं को मिली राहत; सरकार ने चीनी ई कॉमर्स कंपनियों से मिलने वाले तोहफों पर शिकंजा कसा

पिछले महीने भारत में चीनी ई-टेलर्स को चेतावनी देने के बाद, सरकार ने भारत में चीनी ई-कॉमर्स मंचों द्वारा उपहार के रूप में भेजे जाने वाले उत्पादों पर शिकंजा और अधिक कस दिया है।

यह फैसला, घरेलू कानून के उल्लंघन और चीन द्वारा उपहार के रूप में आने वाले उत्पादों की संख्या में वृद्धि के बाद आया है। यह आदेश मुख्य रूप से देश में चीनी ई-टेलर्स द्वारा मौजूदा नियमों में खामियों का फायदा उठाने के बड़े पैमाने पर प्रचलन को रोकने के लिए है।

वर्तमान में, व्यक्तिगत उपयोग के लिए 5k रुपये तक के उपहारों को सीमा शुल्क से छूट दी गई है। सीमा शुल्क अधिकारी के अनुसार, देश में चीनी मंचों को उपहारों की आड़ में लगातार सामान मिलता रहा है।

पिछले हफ्ते, मुंबई सीमा शुल्क विभाग ने उपहारों की आड़ में आने वाले सामानों की कई खेपों पर गौर किया था। इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर मामलों में इस्तेमाल किया गया पता भी काल्पनिक था।

सरकार के इस कदम से उन विक्रेताओं को राहत मिलेगी, जो चीनी ई-टेलर्स से प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं। हालांकि, सरकार द्वारा ई-कॉमर्स नीति ड्राफ्ट में इस मुद्दे को उठाये जाने की संभावना है, जो कुछ ही हफ्तों में सार्वजनिक होने वाला है।

इससे पहले, कई छोटे व्यापारियों और घरेलू ई-टेलर्स ने चीन के ई-टेलर्स के खिलाफ शिकायत की है। इनमे क्लब फैक्ट्री (Club Factory), शीन (Shein) और अलीएक्सप्रेस (Aliexpress), जो सीमा शुल्क से छूट का लाभ ले रहे हैं, का नाम शामिल है।

इसके चलते सामानों की कीमतें नीचे आती हैं और उक्त मंचों को घरेलू ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस पर मौजूद विक्रेताओं पर अनुचित लाभ मिलता है। इन मंचों पर मौजूद उत्पाद, भारतीय ई-कॉम साइटों की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक सस्ते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में, चीनी ई-टेलर्स ने भारत में कर्षण की अच्छी मात्रा प्राप्त की है। उपर्युक्त सभी फर्म, भारत में एक विशाल उपयोगकर्ता आधार होने का दावा करते हैं।

क्लब फैक्ट्री को भारत में शीर्ष ई-कॉमर्स मंचों में स्थान दिया गया है। इसका दावा है कि दुनिया भर में उसके उपयोगकर्ता आधार का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा, भारत में मौजूद है और वह देश के 28k से अधिक पिन कोड तक अपनी पहुँच रखता है।

जबकि महिलाओं के लिए पश्चिमी उत्पाद बेचने के रूप में शुरू होने वाला शीन, अब एक साल से भी कम समय में तीन गुना बढ़ गया है। भारत में शीन एप को 50 लाख डाउनलोड प्राप्त हैं। यह प्रति दिन 10,000 से अधिक ऑर्डर हासिल करने का दावा करता है।

घरेलू विक्रेता संगठन, AIOVA और नागरिक जुड़ाव मंच LocalCircles ने इन प्रथाओं पर अंकुश लगाने और इन मंचों पर शुल्क लगाने की मांग की थी।

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