BYJU का राजस्व FY18 में दुगने उछाल के साथ 500 करोड़ रुपए तक पहुंचा; नुकसान 40 प्रतिशत कम होकर 37 करोड़ रुपए हुआ

एक महीने से भी कम समय पहले, तकनीक आधारित शिक्षा स्टार्टअप बायजु ( BYJU’s) ने $3.6 बिलियन के मूल्यांकन पर अपने भारी भरकम $540 मिलियन के निवेश राउंड के साथ सुर्खियां बटोरीं थी, इस राउंड की अगुवाई दक्षिण अफ्रीकी समूह नेस्पर्स (Naspers) ने की। इस निवेश दौर के चलते कंपनी को भारत के 4 सबसे मूल्यवान स्टार्टअप में गिना गया।

वित्तीय वर्ष 2017-18 में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन, इसके मूल्यांकन में वृद्धि का एक प्रमाण है।

वित्तीय वर्ष 2018 में, कंपनी ने राजस्व में दो गुना की छलांग लगाई, जो कि वित्तीय वर्ष 2017 में 248.12 करोड़ रुपये से 500.21 करोड़ रुपये की थी। फर्म की शुद्ध बिक्री, जिसका राजस्व में 94.3 प्रतिशत योगदान है, भी 2 गुना बढ़ते हुए 230.22 करोड़ रुपये से बढ़कर 471.8 करोड़ रुपये हो गयी।

BYJU का राजस्व, शैक्षिक सेवाओं सहित कई स्रोतों से आता है, इसमें शैक्षिक उपयोग के लिए टैबलेट, डीवीडी और कार्यपत्रक जैसे उत्पादों की बिक्री शामिल हैं।

नवीनतम वित्तीय वर्ष में कंपनी के खर्च में भी वृद्धि हुई। वित्तीय वर्ष 2017 में रहा खर्च (जो 309.38 करोड़ रुपये था), 73.7 प्रतिशत बढ़कर, मौजूदा वित्तीय वर्ष में 537.38 करोड़ रुपये हो गया। अन्य खर्चों में मार्केटिंग और प्रोमोशनल लागत, कुल खर्च का 35.1 प्रतिशत है, जो 188.5 करोड़ रुपये है।

कंपनी के ब्रांड एंबेसडर के रूप में बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान की नियुक्ति के कारण बड़े पैमाने पर मार्केटिंग और प्रचार खर्च की मात्रा बढ़ गई है।

राजस्व के दोगुने होने और व्यय में कम वृद्धि के साथ, वित्तीय वर्ष 2018 में इस एड-टेक प्रमुख के घाटे में 39.3 प्रतिशत की कमी आई, जो 61.23 करोड़ रुपये से घटकर 37.15 रुपये हो गया।

वित्तीय वर्ष के दौरान, फर्म ने टेनसेंट होल्डिंग्स (Tencent Holdings) से $40 मिलियन जुटाए थे और ट्यूटरविस्टा (Tutorvista) और एडुराइट (Edurite) जैसे कई अधिग्रहण किए थे। वर्ष 2018 में, उसने अपने KG-3 शाखा को बेहतर बनाने के मैथ एडवेंचर्स (Math Adventures) का अधिग्रहण किया था।

प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए एक ऑनलाइन कोचिंग मंच के रूप में शुरू हुई इस कंपनी ने बाद में 4 वीं से 5 वीं कक्षा के छात्रों को पढ़ाने का भी कार्य किया।
अब, BYJU न केवल पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों के लिए कोचिंग सत्र शुरू करना चाहता है, बल्कि उसकी नजर अपने अंतर्राष्ट्रीय विस्तार पर भी है। यह उसी के लिए यूके, यूएस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और मलेशिया में वितरक भागीदारों की तलाश कर रहा है।

हालांकि, पिछले साल कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Byju रवींद्रन ने दावा किया था कि कंपनी वित्तीय वर्ष 2018 तक लाभप्रदता प्राप्त करलेगी, लेकिन ऐसा स्पष्ट रूप से होता हुआ कहीं भी दिख नहीं रहा है। यह देखना अभी बाकी है कि कंपनी के लिए ये नई आकांक्षाएं क्या परिणाम लाती हैं।

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