बिगबास्केट की खुदरा इकाई ने FY18 में 1,606 करोड़ का राजस्व दर्ज़ किया; नुकसान में 53 प्रतिशत की कमी

ऑनलाइन ग्रॉसरी मंच, बिगबास्केट (BigBasket) के लिए, वित्तीय वर्ष 2018 वह वर्ष था, जिसमें उसने ग्रोफर्स (Grofers) के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए और देश में अपने व्यवसाय का विस्तार करते हुए, भारतीय बाजार में प्रभुत्व हासिल करने का काम किया।

मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान, बेंगलुरु की इस कंपनी ने अपनी थोक व्यवसाय शाखा, सुपरमार्केट किराना सप्लाई प्राइवेट लिमिटेड (Supermarket Grocery Supplies Private Limited) के जरिये, 35 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,606 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया, जो वित्तीय वर्ष 2017 में 1,176 करोड़ रुपये था।

मार्च 2017 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2016 की तुलना में हासिल किए 563 करोड़ रुपये के राजस्व में 2 गुना की वृद्धि दर्ज की थी। इसकी तुलना में, उनके राजस्व में 35 प्रतिशत की वृद्धि, विकास वक्र में मंदी का संकेत देती है।

दूसरी ओर, उनका घाटा 53 प्रतिशत घटकर 310 करोड़ रुपये पर आ गया। इस बीच, कंपनी का परिचालन घाटा पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़े पर बरकरार रहा (312 करोड़ रुपये)।

वित्तीय वर्ष 2017 में 340 करोड़ रुपये के असाधारण खर्च के कारण कंपनी का कुल घाटा बढ़ गया था। कंपनी के वित्तीय आंकड़ों में सुधार, विशेष रूप से नुकसान के आंकड़ों में सुधार के लिये इस असाधारण आंकड़े की अनुपस्थिति को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है न कि दक्षता में उल्लेखनीय सुधार को, क्योंकि परिचालन हानि स्पष्ट रूप से समान है।

फर्म की खुदरा शाखा – इनोवेटिव रिटेल – ने राजस्व में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1,410 करोड़ रुपये का कारोबार किया। वित्तीय वर्ष 2016 में 527 करोड़ रुपये से 2.1 गुना की छलांग लगाते हुए वित्तीय वर्ष 2017 में 1,090 करोड़ रुपये के आंकड़े को छूने की तुलना में कंपनी के विकास के आंकड़ों में यह फिर से एक झटके के समान है।

हालांकि, कंपनी की खुदरा शाखा ने वित्तीय वर्ष 2018 में घाटे को वास्तव को 6 प्रतिशत कम करते हुए 179 करोड़ रुपये पर नियंत्रित किया। यह देखते हुए कि वित्तीय वर्ष 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 191 करोड़ रुपये हो गया था, यह एक सकारात्मक बदलाव है।

इसी अवधि में, बिगबास्केट ने वर्ष 2015 किये गए अपने अधिग्रहणों में से एक, डेलीवर रिटेल (Delyver Retail) के परिचालन को बंद होते देखा। इससे कंपनी को 41 करोड़ रुपये के एम्पेयर्मेंट प्रावधान का रुख करना पड़ा।

यह देखते हुए कि कैसे कंपनी ने रेनकैन (RainCan) और मॉर्निंग कार्ट (Morning Kart) के अधिग्रहण के बाद बीबीडीली (BBDaily) के साथ माइक्रोडेलीवरी क्षेत्र में कदम रखा है, चालू वित्तीय वर्ष 2019 में कंपनी की बैलेंस शीट और प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है।

यह विकास इकॉनोमिक टाइम्स द्वारा रिपोर्ट किया गया।

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