सीमित समूह के भीतर ऐमज़ॉन ने शुरु किया UPI समर्थित भुगतान फीचर का परीक्षण

यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI), भुगतान कंपनियों के साथ-साथ वैश्विक इंटरनेट प्रमुखों के लिए भी युद्ध का एक मैदान बन गया है।

गूगल (Google) और ट्रूकॉलर (Truecaller) के बाद, व्हाट्सएप (WhatsApp) और ऐमजॉन (Amazon) ने भी एनपीसीआई (NPCI) के स्वामित्व वाले डिजिटल भुगतान मार्ग पर चलते हुए अपने भुगतान एप को लॉन्च करने को अपनी प्राथमिकता बना लिया है।

जहाँ व्हाट्सएप अपने यूपीआई संस्करण – व्हाट्सएप पे के बड़े पैमाने पर लांच के लिए नियामकों की स्वीकृति की प्रतीक्षा कर रहा है, वहीं ऐमजॉन ने एक सीमित उपयोगकर्ता आधार के बीच अपने भुगतान उत्पाद का परीक्षण शुरू कर दिया है। कंपनी अपने यूपीआई-संचालित भुगतान एप के लिए एक्सिस बैंक के साथ काम कर रही है।

हालाँकि इस परीक्षण के बावजूद भी, ऐमजॉन इस सेवा को लॉन्च नहीं कर सकता है क्योंकि शीर्ष भारतीय नियामक, भारतीय रिज़र्व बैंक – ने तकनीकी फर्मों से देश के अंदर भुगतान संबंधी डेटा को स्टोर करने के लिए कहा है। इसे डाटा संग्रहण पर उचित कार्य योजना के साथ RBI से हरी झंडी के लिए इंतजार करना होगा।

व्हाट्सएप, सभी के लिए अपने भुगतान उत्पाद को पेश करने के लिए नियामकों से हरी झंडी प्राप्त करने के लिए उत्सुक है। अब तक, यह केवल 1 मिलियन उपयोगकर्ताओं के उपयोग के लिए सीमित है।

अपना स्वयं का भुगतान उत्पाद होना, ऐमजॉन के लिए बहुत मायने रखता है, जिसने वर्ष 2017 में अपने मंच पर लेनदेन के 60 प्रतिशत हिस्से को डिजिटल भुगतान मोड द्वारा हासिल किया था।

यदि ऐमजॉन, नियामकों के निर्देश का अनुपालन करता है और अपने UPI- संचालित भुगतान प्लस फंड ट्रांसफर उत्पाद को लॉन्च करता है, तो वह पेटीएम (Paytm), गूगल पे, फ्लिपकार्ट के स्वामित्व वाले फोनपे (PhonePe), मोबिक्विक (MobiKwik), और कुछ अन्य के साथ प्रतिस्पर्धा करना शुरू कर देगा।

इस बीच, रिलायंस इंडस्ट्री के स्वामित्व वाला जिओ (Jio), जल्द ही अपने मौजूदा एप जिओ मनी (Jio Money) में यूपीआई को एकीकृत करने की तैयारी कर रहा है। नवंबर में, एन्ट्रैकर ने विशेष रूप से जिओ की यूपीआई योजना के बारे में रिपोर्ट किया था।

अप्रैल 2016 में लॉन्च होने के बाद से, यूपीआई में जबरदस्त वृद्धि देखी जा रही है। पिछले महीने, इसने 1 ट्रिलियन रुपये के 600 मिलियन लेनदेन मार्क को पार किया था।

हालांकि ऐमजॉन को, डेटा स्थानीयकरण निर्देश का अनुपालन करने तक, UPI- संचालित उत्पाद लॉन्च करने की अनुमति नहीं है। यह देखना दिलचस्प होगा कि जब यह पूर्ण रूप से लॉन्च होगा तो यह अपने प्रतिस्पर्धियों के लिए इस खेल को कैसे कठिन बनाता है।

इकॉनोमिक टाइम्स ने गुमनाम स्रोतों का हवाला देते हुए इस विकास को रिपोर्ट किया।

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