आइए जानें UrbanClap के प्रभुत्व की बारीकियां, अभिराज भाल के साथ

एक कथन के अनुसार, प्रतिस्पर्धा आपको परिपक्वता की ओर ले जाती है। कुछ भारतीय स्टार्टअप के मामले में यह काफी उपयुक्त है जो प्रतिस्पर्धा में सभी को हराते हुए विजेता के तौर पर उभरे हैं। ओयो (Oyo) और अर्बनक्लैप (UrbanClap), ऐसे उदाहरण हैं जिन्होंने अपने संबंधित डोमेन में एक असाधारण प्रभुत्व स्थापित किया है और अपने लिए एक मुकाम बनाया है।

ओयो ने अपने मूल्यांकन, वैश्विक महत्वाकांक्षा और चौंकाने वाले निवेश के माध्यम से एक महत्वपूर्ण मार्जिन हासिल कर लिया है, और इसी तरह, अर्बनक्लैप ने प्रतिस्पर्धा में खुदको विजेता बनाते हुए गृह सेवा (Home service) क्षेत्र में एक अग्रणी खिलाडी का दर्जा हासिल किया है।

वर्ष 2014-15 में, क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर गृह सेवा खंड में कई स्टार्टअप मौजूद थे। हालांकि, खराब यूनिट अर्थशास्त्र के चलते उनके वीसी उन्हें निवेश देने से कतराने लगे।

नतीज़तन, केवल दो बड़े क्षैतिज खिलाड़ी – अर्बनक्लैप और हाउसजॉय ही इस प्रतिस्पर्धा में बने रह सके। हालांकि, हाउसजॉय के लिए यह खुशी अस्थायी थी क्योंकि यह गुरुग्राम स्थित फर्म से प्रतिस्पर्धा में पीछे होता चला गया।

इस बीच, 12 महीने की अवधि (नवंबर 2017 से नवंबर 2018) के दौरान इस क्षेत्र में अर्बन क्लैप ने अपने विकास को दोगुना कर लिया। एनट्रैकर के साथ बातचीत में अर्बन क्लैप के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अभिराज सिंह भाल ने कहा, “हमने उपर्युक्त अवधि में राजस्व और आर्डर फ्लो विभाग में 3 से 3.5X की वृद्धि दर्ज की है।”

हालांकि भाल ने कंपनी का मासिक ऑर्डर वॉल्यूम आंकड़ा नहीं बताया, लेकिन हमारा अनुमान इंगित करता है कि अर्बन क्लैप का पिछले महीने का आर्डर रन रेट, 300,000 से 350,000 के बीच है।

होम सैलून और सौंदर्य सेवाएं UC के लिए विकास का नेतृत्व करती हैं।

सौंदर्य और इससे जुडी सेवाएं, कंपनी की कुल आर्डर मात्रा में 45% का योगदान देती हैं, इसके बाद घरेलू मरम्मत (एसी, टीवी, रेफ्रिजरेटर, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर इत्यादि जैसे उपकरण) और सफाई का नंबर आता है। स्पष्ट सवाल यह है कि कंपनी की सौंदर्य सेवा श्रेणी, अन्य श्रेणियों से बेहतर प्रदर्शन क्यों कर रही है?

भाल ने उत्तर दिया, “सौंदर्य सेवा श्रेणी ने हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और इसका कारण यह है कि हमने इस पर अनुपातहीन ढंग से ध्यान केंद्रित किया है। यह श्रेणी, ग्राहकों से एक साल में कई बार जुड़ने का अवसर बनाती है, क्यूंकि इसकी प्राकृतिक आवृत्ति ज्यादा है। घर की सुविधा पर, किफायती मूल्य निर्धारण और एक मानक, सुसंगत सेवा अनुभव के साथ, हमें तेजी से स्केल करने में मदद मिली है। नतीजतन, हम बिना एक भौतिक आउटलेट के आज भी भारत की सबसे बड़ी सैलून श्रृंखला हैं। और हमें लगता है कि यह बस शुरुआत भर है। ”

ग्राहकों को सुविधा और गुणवत्ता की पेशकश करने के साथ, कंपनी ने ब्यूटीशियनों को अपनी कमाई में काफी सुधार करने में मदद की है।

“आमतौर पर एक स्टोर में ब्यूटीशियन प्रति माह 10,000-15,000 रुपये कमाते/कमाती हैं, और सैलून मालिकों द्वारा मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा अपनी जेब में रखा जाता है। हमारे मॉडल में, ब्यूटीशियन एक सूक्ष्म उद्यमी है। ग्राहकों द्वारा भुगतान की गयी राशि का 80% हिस्से उनके पास जाता है। नतीजतन, हमारे औसत ब्यूटीशियन प्रति माह 35,000-40,000 रुपये कमाते हैं, जिनमें से कई तो एक महीने में एक लाख से ज्यादा कमाते हैं। अब आपकी कमाई की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, जितना ज्यादा आप सेवा देते हैं, उतना ही आप कमाते हैं” भाल जोड़ते हुए कहते हैं।

भाल के मुताबिक, हमारे साझेदार कमाई का 80 प्रतिशत लेते हैं जबकि अर्बनक्लैप कमीशन के रूप में 20 फीसदी रखता है।

जहाँ कोई सोच सकता है कि ब्यूटीशियन और अन्य टेक्नीशियन अर्बनक्लैप के पे-रोल पर हैं, वहीँ भाल स्पष्ट करते हैं कि अर्बनक्लैप के साथ यह नहीं है।
“हम अपने भागीदारों को अर्बनक्लैप के सूक्ष्म फ्रेंचाइजी के रूप में देखते हैं, जो खुद के लिए काम करते हैं, लेकिन वो अर्बनक्लैप के अंतर्गत हैं एवं हमारे मानदंडों के तहत कार्यशील हैं। हम अपने पेशेवरों को पूर्णकालिक सैलरी नहीं देते हैं, लेकिन इस मॉडल के तहत हम उनके साथ साझेदारी करते हैं। हमारा मानना है कि यह उनके उद्यमशील उत्साह को बरकरार रखता है और उनके साथ हमारा गठबंधन, मजबूत एन्ड यूजर अनुभव बनाने के लिए है”, भाल जोर देकर कहते हैं।

भागीदारों को व्यवसाय देने के अलावा, अर्बनक्लैप उन्हें बैंक खाते खोलने, वित्तपोषण, प्रशिक्षण, वर्दी, भुगतान, आपूर्ति की थोक खरीद आदि के साथ मदद करता है।

वर्तमान में, अर्बनक्लैप के पास 15,000 सेवा भागीदारों का आधार है। भाल ने कहा, “हम अगले चार सालों में इस संख्या को दस लाख तक बढ़ाना चाहते हैं।” कुछ महीने पहले, मीडिया रिपोर्टों द्वारा अनुमान लगाया गया था कि अर्बनक्लैप सौंदर्य उत्पाद क्षेत्र में एक निजी लेबल के साथ प्रवेश करने के लिए तैयार था।

हालांकि, भाल ने कहा कि उनकी निकट भविष्य में ऐसी कोई योजना नहीं है।
“निजी लेबल के साथ सामने आना, एक मार्जिन वृद्धि रणनीति है, जो फिलहाल हमारी प्राथमिकता नहीं है। यह एक ऐसा खेल है जिसे हम भविष्य में तलाशेंगे” भाल ने कहा।

स्टेडव्यू (Steadview) और वीवाई (Vy) कैपिटल से मिले $50 मिलियन निवेश के साथ, फर्म ने द्वितीय टियर शहरों, चंडीगढ़ और जयपुर में परीक्षण शुरू कर दिया है। वर्तमान में, इसकी 10 भारतीय शहरों और दुबई में मौजूदगी है।
छोटे शहरों में संचालन स्थापित करने की फर्म की योजना के बारे में पूछे जाने पर भाल ने बताया, “हमारी ऐसी कोई तत्काल योजना नहीं है। हम अगली या उसके बाद की तिमाही में चंडीगढ़ और जयपुर में अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे, और परिणामों के आधार पर, अधिक टियर 2 शहरों में हमारे प्रवेश का मूल्यांकन करेंगे। ”

अर्बनक्लैप की ESOP योजना और हाल ही में संपन्न हुआ कर्मचारी परिसमापन कार्यक्रम

हाल ही में संपन्न, श्रृंखला डी निवेश दौर के दौरान, अर्बन क्लैप ने कर्मचारियों के लिए सेकेंडरी एग्जिट सुविधा भी प्रदान की। लगभग 100 कर्मचारियों को अपने निहित स्टॉक के हिस्से को लिक्विडेट करने का विकल्प दिया गया था, जबकि 51 ने इस विकल्प का उपयोग किया है। इन कर्मचारियों ने कुछ लाख रुपये से लेकर करोड़ के बीच धन हासिल किया है।

यह दूसरी बार है जब अर्बन क्लैप ने अपने कर्मचारियों को अपने ESOP को लिक्विडेट करने की इजाजत दी है, जहाँ पहला उदाहरण जुलाई 2017 में सीरीज़ सी दौर के साथ मिलता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि फर्म के संस्थापकों ने आज तक अपने किसी भी शेयर को लिक्विडेट नहीं किया है।

कर्मचारियों द्वारा अपने ईएसओपी को लिक्विडेट करना कोई नई बात नहीं है, और रिविगो (Rivigo), लेंसकार्ट (Lenskart), बिगबास्केट (BigBasket) और ज़ोमैटो (Zomato) समेत कई स्टार्टअप ने हाल ही में इस तरह के लेनदेन की सुविधा प्रदान की है। हालांकि, कई मामलों में अधिकांश स्टार्टअप की ईएसओपी संरचना, अर्बनक्लैप से अलग दिखाई देती है।

उदाहरण के लिए, ईएसओपी के मामले में प्रत्येक शेयर की कीमत 1 है (भले ही कर्मचारी की जोइनिंग का समय कुछ भी हो)। इसका अनिवार्य रूप से मतलब है कि ईएसओपी शेयर की स्ट्राइक कीमत समान है, भले ही किसी कर्मचारी ने आज कंपनी को ज्वाइन किया है या चार साल पहल किया था।

महत्वपूर्ण बात यह है कि ईएसओपी के लिए कोई होल्डिंग अवधि नहीं है। होल्डिंग अवधि, किसी दिए गए समय सीमा में शेयरधारक को निहित करने देती है और इसके चलते अल्पकालिक कराधान की देयता (short-term taxation liability) भी होती है। भाल ने बताया, “हमारे पास ईएसओपी के लिए कोई होल्डिंग अवधि नहीं है, और आप या तो अपने ईएसओपी को हमेशा के लिए रखें या कंपनी छोड़ने के समय तक रखें (आईपीओ या रणनीतिक बिक्री)।

कई विशेषज्ञों और विश्लेषकों ने अर्बनक्लैप के व्यापार मॉडल और लाभप्रदता पर सवाल उठाये हैं। इस तरह के संदेह पर प्रतिक्रिया देते हुए भाल ने अंत में कहा, “हम जानते हैं कि हमारा मॉडल, पूंजी कुशल और लाभदायक दोनों है। आपके आलोचक हमेशा होंगे, हम उनकी प्रतिक्रिया का स्वागत करते हैं, लेकिन एक बिंदु से परे, हम अपने ग्राहकों और भागीदारों के लिए बेहतर से बेहतर काम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

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