रिलायंस ने ब्लॉकचेन में किया अपना पहला निवेश, Vakt में 5% हिस्सेदारी का अधिग्रहण

प्रौद्योगिकी की दुनिया में बने रहने और डिजिटल पहुँच में तेजी लाने के लिए, मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली आरआईएल ने ब्लॉकचेन-आधारित प्रौद्योगिकी फर्म में अपना पहला निवेश किया है।

आरआईएल ने $5 मिलियन के बदले ब्लॉकचेन स्टार्टअप, वीएकेटी होल्डिंग्स लिमिटेड (वीएचएल) में 5.56 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है।

एक नियामक फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि यह निवेश, ऊर्जा (energy) केंद्रित बाजारों हेतु उभरते हुए ब्लॉकचेन सक्षम समाधान का निर्माण करने में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से कंपनी की डिजिटल आकांक्षाओं को गति देगा।

VAKT, जो यूके में स्थित है, का दावा है कि उसे नौ प्रमुख ऊर्जा कंपनियों और बैंकों का समर्थन मिला है, जो ब्लॉकचेन तकनीक को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ये सभी दिन प्रतिदिन की समस्याओं से जुड़ा एक उद्योग-व्यापी समाधान विकसित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

VAKT का उद्देश्य, पूर्ण व्यापार जीवन-चक्र को बदलना है। फर्म के अनुसार, ब्लॉकचेन का लाभ उठाते हुए, उनका इरादा कागज़ आधारित प्रक्रियाओं को खत्म करते हुए, दक्षता बढ़ाने और नए व्यापार वित्तीय अवसर बनाने का है।

रिलायंस ने कथित तौर पर उभरती हुई तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के लिए एक समर्पित टीम के निर्माण की योजना बनाई है।

ब्लॉकचेन मूल रूप से डेटा स्टोर करने के लिए एक डिजिटल लेज़र है। यह तकनीक, जानकारी को कॉपी किए बिना विकेंद्रीकृत करता है।

जानकारी को एक साझा डेटाबेस के माध्यम से ब्लॉकचेन पर रखा जाता है जिसे वास्तविक समय में एक्सेस किया जा सकता है। यह डेटाबेस भौतिक सर्वर पर नहीं बल्कि क्लाउड पर संग्रहीत होता है। यह व्यवसायों के लिए लागत प्रभावी है और संभावित रूप से लिक्विडिटी को अनलॉक करने का वादा करता है।

क्रिप्टोकरेंसी को इसके सबसे लोकप्रिय एप्लिकेशन में से एक माना जाता है। Reliance Jio ने अपनी खुद की क्रिप्टोकरेंसी- JioCoin लॉन्च करने की भी बात कही है। हालांकि, कंपनी ने इस विकास के बारे में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

चालू वर्ष की शुरुआत में, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को अपनाने की योजना की बात की थी। उन्होंने कहा था कि हम ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी का उपयोग डिजिटल अर्थव्यवस्था का विकास करने के लिए करेंगे।

तेलंगाना, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार ने ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करने में भी रुचि दिखाई है।

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