नीति आयोग ने e-visa की वैधता को बढ़ाकर 10 वर्ष करने का प्रस्ताव दिया

भारत सरकार ने वीज़ा प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने एवं इसकी पहुँच बढ़ाने की प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए नवंबर 2014 में ई-वीजा सेवाओं की शुरुआत की थी।

हालांकि, नीति आयोग की ‘द स्ट्रेटेजी फॉर न्यू इंडिया @ 75’ रिपोर्ट के अनुसार, इस सुविधा की शुरुआत के बावजूद लोगों को वीजा प्राप्त करने की प्रक्रिया मुश्किल लगती है।

इसके बाद, अपने उत्पाद, ई-वीज़ा को बढ़ावा देने के लिए, नीति आयोग ने इन वीजा की वैधता को बढ़ाकर 10 साल करने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, ई-मेडिकल वीजा वाले लोगों के लिए प्रस्तावित वार्षिक यात्राओं की संख्या को बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

थिंक टैंक के विचार के अनुसार ये विकास देश के लिए पर्यटकों की संख्या को बढ़ाएगा।

वर्तमान में, ई-वीजा की वैधता, भारत में आने की तारीख से 60 दिन तक होती है, वहीँ ई-कॉन्फ्रेंस के मामले में यह अवधि 30 दिन की है। ई-बिजनेस और ई-टूरिस्ट वीजा के अंतर्गत वार्षिक यात्राओं की संख्या 2 है, और ई-मेडिकल और ई-मेडिकल अटेंडेंट वीजा की संख्या 3 है। ई-कॉन्फ्रेंस वीजा के मामले में, केवल 1 यात्रा की अनुमति है।

कुल मिलाकर, एक ई-वीजा का लाभ एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम तीन बार ही लिया जा सकता है।

ई-वीज़ा वैधता की अवधि में वृद्धि, वाणिज्य दूतावास और ई-वीज़ा शासन के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने वाले अभियान शुरू करने जैसे कदमों के साथ, बैठक, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनियों से लोगों को आकर्षित किये जाने की कोशिश की जाएगी।

जहां तक ई-मेडिकल वीजा का संबंध है, फॉलो अप/ पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल की सुविधा के लिए वार्षिक यात्राओं की संख्या में वृद्धि के साथ, नीति आयोग ने यह सुझाव दिया है कि मरीज़ के साथ आने वाले सहायकों की संख्या को 2 से 4 किया जाए। इस सुझाव की प्रेरणा मलेशिया से ली गयी है।

यदि इन प्रस्तावों को बेहतर तरह से लागू किया जाये तो चिकित्सा के अलावा अन्य श्रेणियों, जैसे भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी इस कदम से लाभ मिलेगा। इसके जरिये संभावित सम्मेलनों, निवेश सम्बन्धी बैठकों, बेहतर पहुंच एवं अन्य कारकों के चलते व्यावसायिक प्रवाह की मात्रा, आदि की संख्या में वृद्धि संभव हो सकेगी।

Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here