छात्रों को ऋण देने वाले स्टार्ट अप Eduvanz को मिला 5 लाख डॉलर का निवेश और NBFC के लिए RBI की मंज़ूरी

Eduvanz

योग्यता बढ़ाने के लिए छात्र/छात्राओं को ऋण देने वाले तकनीक आधारित शिक्षा स्टार्ट अप Eduvanz ने उद्यम पूँजी निवेशक (venture capital fund) Blinc Advisors के ज़रिए निवेश राउंड में 5 लाख डॉलर प्राप्त किये हैं। कंपनी इस निवेश का इस्तेमाल ऋण मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल की जा रही AI (artificial intelligence) आधारित तकनीकी प्रणाली को मजबूत करने और कंपनी के विस्तार के लिए करेगी।

साथ ही, मुंबई स्थित इस वित्तीय कम्पनी को भारतीय रिज़र्व बैंक ने उसकी ग़ैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनी खोलने का लाइसेंस भी दे दिया है।

मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, Eduvanz के सह संस्थापक, वरुण चोपड़ा ने कहा है कि, RBI से लाइसेंस प्राप्त किये जाने के बाद कंपनी को भारत में व्यावसायिक कोर्सेस, ट्रेनिंग कोर्सेज एवं सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए ऋण देने वाली अग्रणी कंपनी बनने में मदद मिलेगी।

Eduvanz छात्र/छात्राओं को अपने ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये गारंटी मुक्त ऋण प्रदान करता है।

वरुण चोपड़ा, राहील शाह, एवं अतुल सशीतल द्वारा 2016 में शुरू की गयी यह कंपनी 16 विभिन्न उद्योगों से जुड़े ट्रेनिंग सहयोगियों, कॉर्पोरेट्स एवं सर्टिफिकेट् प्रदान करने वाले सहायकों की मदद से छात्र/छात्राओं एवं योग्यता बढ़ाने वालों को नए तरीक़ों से वित्तीय सहायता देता है।

कंपनी AI आधारित अल्गोरिथ्म्स और भावी एनालिटिक्स का उपयोग करते हुए व्यावहारिक एवं अव्यवहारिक स्रोतों से वित्तीय एवं सामाजिक आर्थिक डाटा इकट्ठा करके योग्यता विकास के लिए ऋण देने की प्रक्रिया का आसान बनाती है।

आधुनिक तकनीक के आने के साथ पारम्परिक बैंकिंग प्रणाली ख़त्म होती जा रही है और अब निजी बैंकिंग के साथ साथ फण्ड ट्रांसफर, वित्तीय उत्पादों की बिक्री समेत लगभग हर सेवा ऑनलाइन की जा चुकी है।

पिछले 2 सालों में, Krazybee, Creditmate, Slicepay जैसे बहुत से तकनीक आधारित ऋणदाता प्लेटफार्म छात्र/छात्राओं के लिए उपलब्ध हुए हैं जोकि उन तक ऋण की आसान पहुँच की संभावनाएं पैदा कर रहें हैं।

भारतीय रिज़र्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जहाँ बैंकिंग ऋण के क्षेत्र में 8.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है वहीँ NBFC ऋण में 16.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

RBI की Financial Stability Report (दिसंबर 2016) ने डीपॉजिट लेने वाले NBFCs के ऋण और अग्रिम राशि में 33.1 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई है। साथ ही डिपाजिट न लेने वाले NBFCs के ऋण और अग्रिम राशि दिए जाने में 12.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

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